Monday, April 14, 2008

कोडींग कभी मैंने की तो नही थी...

कोडींग कभी मैंने की तो नही थी
किसीसे कभी केटी ली तो नही थी
मगर ये अचानक हुआ क्या होहो...

तू सांसोको तेज चलाये, तू नींदोंको उडाये
कही पागल ना हो जाउ मैं बेचारा...

पहली ऑनसाइट ट्रिप का पहला नशा
दिल में उतरता जाये सनम...
रोज हाय प्रायोरिटी इश्यू लाना तेरा
हर दिन मेरी बॅंड बजाये सनम...

ये बेकरारी, ऐसी खुमारी पहले कभी तो मुझपे ना थी
कभी दिलपे ऐसी यूही गुज़री तो नही थी
कभी इतनी बुरी तरहसे लगी तो नही थी
मगर ये अचानक हुआ क्या होहो...

कितनी भाषाए यहा सीखी मगर,
काम कर रहा हूँ बस एक तुझपे
हर पल हैं मेरी विज्युअल स्टूडियो में तू
दूर जाउ तुझसे ऐसी मेरी किस्मत कहा...

दिल ये बेचारा, मजबूरी का मारा
छापता रहेगा कोड गुगलसे यहा...

चेहरे पे पहले कभी इतनी उदासी तो नही थी
यू बहकी हुई कभी ऐसी जिंदगी तो नही थी...
मगर ये अचानक हुआ क्या होहो...

तू सांसोको तेज चलाये, तू नींदोंको उडाये
कही पागल ना हो जाउ मैं बेचारा...

कोडींग कभी मैंने की तो नही थी
किसीसे कभी केटी ली तो नही थी
मगर ये अचानक हुआ क्या होहो...

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